पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का हाल बुरा, सड़कों पर उतरे हजारों लोग

Aabha News| पाकिस्तान की खराब अर्थव्यवस्था ( Pakistan Economy ) के कारण महंगाई चरम पर है। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) की वजह से अब आम लोगों से लेकर सरकारी कर्मचारियों की स्थिति बहुत ही खराब हो गई है। ऐसे में धीरे-धीरे इमरान खान की सरकार ( Imran Khan Government ) के प्रति लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है।

बुधवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर कर विरोध जताया है। अलग-अलग सरकारी महकमें में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध जताया और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति के खिलाफ प्रदर्शन ( Pakistan Government Employees Protest ) किया।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि उनके वेतन और भत्ते मुद्रास्फीति के अनुपात में बढ़ाया जाए। बता दें कि ऑल पाकिस्तान क्लर्क एसोसिएशनों के नेतृत्व में देशभर के सरकारी कर्मचारियों ने इस विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

Marwad Education Barmer

कई यूनियनों, संघों और सरकारी कर्मचारियों के संगठनों ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार से बेसिक पे स्‍केल के प्रोपर स्‍ट्रक्‍चर, सरकारी विभागों में कटौती एवं सरकार के स्वामित्व वाली संस्थाओं के निजीकरण न करने जैसी तमाम मांगें रखी। एक रिपोर्ट के अनुसार, इमरान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में करीब 8-10 हजार सरकारी कर्मचारी शामिल हुए थे।

पाकिस्तान में चरम पर महंगाई

आपको बता दें कि पाकिस्तान में महंगाई चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान में गेहूं की बढ़ती कीमतों ने हाहाकार मचा रखा है। यहां पर इस समय 75 रुपये किलो के रेट में आटा मिल रहा है। इसके अलावा सिंध और कई अन्य प्रांतों में लोगों को दुकानों पर आटा (Flour) नहीं मिल रहा है।

लोगों को लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। एक शख्स को तीन दिन तक दौड़ने के बाद भी आटा नहीं मिला। इससे वह दुखी होकर फूट-फूटकर रोने लगा। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस संकट के कारण लोगों के लिए रोटी खाना मुश्किल हो चुका है। इमरान सरकार के अनुसार सिंध में आटा 75 रूपये किलो बिक रहा है। यही नहीं पाकिस्‍तान में एक रोटी 15 रुपये की बिक रही है।